Q1. निम्नलिखित गद्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए।
- (क)) एक पूरा मकान बर्तन से भरा हुआ है। चाय के सेट हैं, नाश्ते की तश्तरियाँ थाल, लोटे, गिलास। जो लोग नित्य खाट पर पड़े हुक्का पीते रहते थे, बड़ी तत्परता से काम में लगे हुए हैं। अपनी उपयोगिता सिद्ध करने का ऐसा अच्छा अवसर उन्हें फिर बहुत दिनों के बाद मिलेगा। जहाँ एक आदमी को जाना होता है, पाँच दौड़ते हैं। काम कम होता है, हुल्लड़ अधिक। जरा-जरा-सी बात पर घण्टों तर्क-वितर्क होता है और अन्त में वकील साहब को आकर निर्णय करना पड़ता है। (250-300 words)
- (ख)) मैं आठवीं क्लास में पढ़ता था। तब मैं क्या समझता हूँगा, क्या नहीं समझाता हूँगा। फिर भी वह बातें मुझे बिल्कुल अच्छी नहीं मालूम हो रही थीं। जी में कुछ बेमतलब गुस्सा चढ़ता आता था। जी होता था कि वहीं के वहीं कोई दुस्सह अविनय कर डालूँ। ऐसे भाव की कोई वजह न थी, पर बाबू जी की कुछ दबी हुई स्थिति की झलक उनके चेहरे पर देखकर बड़ी खीझ मालूम हो रही थी, पर जाने मुझे क्या चीज रोक रही थी कि मैं फट नहीं पड़ा। (250-300 words)
- (ग)) तुलसी ने सीढ़ियाँ पार कीं, ड्योढ़ी, बगीचा और फाटक पार किया, बाहर निकल आए। सड़क पर कुछ दूर जाकर उन्होंने एक बार और उस घर पर दृष्टि डाली। लगा कि जैसे जीव का अपने एक जन्म से साथ छूट रहा हो। मन अब भी सब कुछ वही चाहता है, किंतु ज्ञान यथार्थ–बोध कराता है। जो मनुष्य बनकर जन्मता है उसके मन को यह हक है कि वह असंभव से असंभव वस्तु की चाहना भी कर ले, पर उसे पाने की शक्ति और औचित्य के बिना क्या वह हक यथार्थ है ? अपनी परिस्थियिों पर विचार न करनेवाला व्यक्ति मूर्ख होता है। (250-300 words)
- (घ)) बंटी अपने घर में घूम रहा है। पर अपने घर जैसा कुछ भी तो नहीं लगा रहा उसे। सर्दी के दिनों में सांझ से ही तो चारों ओर अँधेरा घुसने लगता है। और जैसे-जैसे अँधेरा घुलता जा रहा है, सब कुछ और ज्यादा-ज्यादा अपरिचित होता जा रहा है। यहाँ तो आसमान भी पहचाना हुआ नहीं लगता, हवा भी पहचानी हुई नहीं लगती। अपने घर का आसमान और अपने घर की हवा कहीं ऐसी होती है? (250-300 words)
- प्रेमचंद का गोदान ग्रामीण जीवन, शोषण, और सामाजिक रूढ़ियों का यथार्थवादी चित्रण करता है।
- राजेंद्र यादव का सारा आकाश युवा मन के द्वंद्व, पारिवारिक तनाव और रिश्तों की जटिलता पर केंद्रित है।
- अमृतलाल नागर का मानस का हंस तुलसीदास के वैराग्य, मन-ज्ञान द्वंद्व और दार्शनिक चिंतन को प्रस्तुत करता है।
- मन्नू भंडारी का 'आपका बंटी' तलाकशुदा माता-पिता के बच्चे की मनोवैज्ञानिक पीड़ा और भावनात्मक अलगाव को दर्शाता है।
Answer: IGNOU के BHDC-109 (हिंदी उपन्यास) पाठ्यक्रम में गद्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। इसमें विद्यार्थियों से दिए गए उद्धरणों की पहचान करने, उनके मूल उपन्यास और लेखक का नाम बताने, संबंधित प्रसंग की व्याख्या करने और गद्यांश के निहितार्थों, पात्रों की मनःस्थिति तथा लेखक के उद्देश्य पर प्रकाश डालने की अपेक्षा की जाती है। यह प्रश्न छात्रों की उपन्यासों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता का परीक्षण करता है। प्रस्तुत चार गद्यांश हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण उपन्यासों से लिए गए हैं...