Q1. अधोलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :-
- क.) 'ब्राह्मण' शब्द के अर्थ को बताते हुए सामवेदीय ब्राह्मणों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालिए। (500 words)
- ख.) उपनिषद् शब्दार्थ का विचार करते हुए उनका रचनाकाल एवं प्रतिपाद्य विषयों को विस्तारपूर्वक स्पष्ट कीजिए। (500 words)
- ग.) सप्तांग सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए उसके प्रत्येक अवयव की कार्यपद्धति को स्पष्ट कीजिए। (500 words)
- घ.) प्राचीन न्याय व्यवस्था पर निबन्ध लिखिए। (500 words)
- ड.) धर्मशास्त्र का अर्थ स्पष्ट करते हुए उसकी विषय-वस्तु पर प्रकाश डालिए। (500 words)
- च.) भारतीय समाज में संस्कारों की आवश्यकता और उनके प्रयोजन पर प्रकाश डालिए। (500 words)
- छ.) बौद्ध आयुर्विज्ञान के आधार पर प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति की विवेचना कीजिए। (500 words)
- ज.) बौद्धकालीन मनोविज्ञान का विस्तारपूर्वक वर्णक कीजिए। (500 words)
- ब्राह्मण ग्रंथ वेदों के कर्मकांडों की व्याख्या करते हैं, सामवेदीय ब्राह्मण सोम यज्ञों और साम-गान पर केंद्रित हैं।
- उपनिषद् 'गुरु के समीप बैठकर ज्ञान प्राप्त करना' है, जो ब्रह्म-आत्मन की एकता और मोक्ष के ज्ञान मार्ग पर बल देते हैं।
- कौटिल्य का सप्तांग सिद्धांत राज्य को सात अंगों (राजा, अमात्य, जनपद, दुर्ग, कोश, दंड, मित्र) से युक्त एक जैविक इकाई मानता है।
- प्राचीन भारतीय न्याय व्यवस्था धर्म, स्मृतियों और प्रथाओं पर आधारित थी, राजा सर्वोच्च न्यायाधीश होता था, जिसमें विविध न्यायालय थे।
Answer: भारतीय ज्ञान परंपरा (BSKAE-181) के अंतर्गत विभिन्न दार्शनिक, सामाजिक, राजनीतिक और वैज्ञानिक अवधारणाओं का अध्ययन किया जाता है। यह प्रश्नपत्र भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे वैदिक साहित्य, राज्य व्यवस्था, न्याय, धर्म, संस्कार और चिकित्सा विज्ञान पर केंद्रित है। नीचे दिए गए सभी आठ उप-प्रश्नों के उत्तर विस्तृत रूप से प्रस्तुत किए गए हैं, जो छात्रों को इन विषयों की गहन समझ प्रदान करेंगे। प्रत्येक उत्तर में मूल अवधारणाओं को स्पष्ट करते हुए उनकी कार्यप्रणाली और महत्व पर प्रकाश डाला गया है।