Q1. राष्ट्र के निर्माण में संस्कृति की भूमिका पर एक लघु निबन्ध लिखें।
- संस्कृति राष्ट्रीय पहचान, मूल्यों और सामूहिक चेतना का आधार है।
- भाषा, साहित्य, कला और रीति-रिवाज राष्ट्र को एकीकृत करते हैं।
- साझा सांस्कृतिक विरासत राष्ट्र की निरंतरता और एकजुटता सुनिश्चित करती है।
- संस्कृति राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करती है और नैतिक ढाँचा प्रदान करती है।
Answer: किसी भी राष्ट्र के निर्माण और उसके अस्तित्व को बनाए रखने में संस्कृति की भूमिका अत्यंत मौलिक और केंद्रीय होती है। संस्कृति केवल मनोरंजन या कला का विषय नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्र की आत्मा, उसकी पहचान और उसके नागरिकों को एक सूत्र में पिरोने वाली शक्ति है। राष्ट्रीयता और भारतीय साहित्य के संदर्भ में, संस्कृति ने भारत जैसे विविध राष्ट्र को गढ़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संस्कृति को एक व्यापक अवधारणा के रूप में समझा जा सकता है, जिसमें किसी समुदाय या समाज के साझा मूल्य, विश्वास, भाषा, साहित्य...