Q1. अधोलिखित प्रश्नों का उत्तर दीजिए। (भाग -क) व्याख्या आधारित प्रश्न
- (अ)) पद्यांश की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए- श्रेयश्च प्रेयश्च मनुष्यमेतः तौ सम्परीत्य विविनक्ति धीरः । श्रेयः हि धीरः अभि प्रेयसो वृणीते प्रेयो मन्दो योगक्षेमाद् वृणीते ॥ अथवा संस्कृत दिवस को उपलक्षित कर संस्कृत में निबन्ध लिखिए । (600 words)
- (ब)) यक्ष-युधिष्ठिर संवाद का आज के समाज में महत्त्व बताइए। अथवा "वाक्य" की परिभाषा दीजिए तथा वाक्य के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए। प्रत्येक प्रकार के दो-दो उदाहरण लिखिए। (600 words)
- श्रेयस कल्याणकारी (दीर्घकालिक, आध्यात्मिक) मार्ग है; प्रेयस सुखकर (क्षणभंगुर, भौतिक) मार्ग है।
- बुद्धिमान व्यक्ति (धीर) श्रेयस चुनता है, अज्ञानी (मंद) भौतिक सुरक्षा हेतु प्रेयस को प्राथमिकता देता है।
- यक्ष-युधिष्ठिर संवाद महाभारत के वनपर्व में धर्म, नैतिकता, ज्ञान पर आधारित एक दार्शनिक प्रश्नोत्तर है।
- यह संवाद नैतिक दुविधाओं, ज्ञान-विवेक, आत्म-चिंतन और सामाजिक समरसता में आज भी प्रासंगिक है।
Answer: IGNOU पाठ्यक्रम BSKLA-135 'संस्कृत भाषा और साहित्य' के अंतर्गत दिए गए प्रश्नों का विस्तृत उत्तर यहाँ प्रस्तुत है। ये प्रश्न संस्कृत साहित्य और दर्शन के महत्त्वपूर्ण पहलुओं पर आधारित हैं, जिनमें कठोपनिषद् के दार्शनिक सिद्धांत और महाभारत के नीतिपरक संवादों की आज के समाज में प्रासंगिकता का विश्लेषण शामिल है।