Q1. हिंदी साहित्य के काल विभाजन संबंधी प्रयासों पर प्रकाश डालिए।
- काल विभाजन साहित्य के विकास, प्रवृत्तियों और अध्ययन की सुविधा हेतु आवश्यक है।
- गार्सां द तासी ने प्रथम प्रयास किया, पर वैज्ञानिक काल विभाजन नहीं (वर्णक्रमानुसार)।
- जॉर्ज ग्रियर्सन ने सर्वप्रथम वैज्ञानिक काल विभाजन (प्रवृत्ति और काल-क्रम) का प्रयास किया।
- मिश्र बंधुओं ने 'मिश्र बंधु विनोद' में विस्तृत, पर कुछ जटिल काल विभाजन प्रस्तुत किया।
Answer: हिंदी साहित्य के काल विभाजन संबंधी प्रयास इसकी विशालता, विविधता और विकास क्रम को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जैसा कि EHD-03 पाठ्यक्रम सामग्री में बताया गया है, यह साहित्य के क्रमिक अध्ययन और प्रवृत्तियों के विश्लेषण हेतु एक आवश्यक सोपान है। विभिन्न विद्वानों ने अपने-अपने दृष्टिकोण और पद्धतियों के आधार पर इन कालों को विभाजित करने का प्रयास किया है, जिससे हिंदी साहित्येतिहास लेखन को एक व्यवस्थित स्वरूप मिला है। प्रारंभिक प्रयासों में, फ्रेंच विद्वान **गार्सां द तासी** का ग्रंथ 'इस्तवार द ...