Qखण्ड-1.1. ग्रीक, रोमन विमर्श का विस्तृत वर्णन कीजिए।
- ग्रीक दर्शन ने तर्क, आत्म-ज्ञान और ब्रह्मांड की अमूर्त खोज पर जोर दिया, जिसकी नींव सुकरात, प्लेटो, अरस्तू ने रखी।
- प्लेटो ने 'प्रत्ययों के सिद्धांत' और 'दार्शनिक राजा' द्वारा शासित एक आदर्श राज्य की अवधारणा प्रस्तुत की।
- अरस्तू ने अनुभवजन्य अवलोकन, व्यवस्थित तर्कशास्त्र और 'स्वर्ण मध्य' के नैतिक सिद्धांत को विकसित किया।
- हेलेनिस्टिक स्टोइकवाद ने तर्क, सद्गुण और नियति को स्वीकार करने पर बल दिया; एपिक्यूरियनवाद ने मानसिक शांति को सुख माना।
Answer: प्राचीन ग्रीक और रोमन सभ्यताएँ पश्चिमी विचार, संस्कृति और सभ्यता की आधारशिला मानी जाती हैं। इनका विमर्श केवल दर्शनशास्त्र, राजनीति, विज्ञान और कला तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने ज्ञान के विविध क्षेत्रों में गहन प्रभाव डाला, जिसने सदियों तक पश्चिमी दुनिया की बौद्धिक दिशा निर्धारित की। ग्रीक विचारकों ने अमूर्त अवधारणाओं, तर्क, मानवी विवेक और सार्वभौमिक सिद्धांतों की खोज पर बल दिया, एक ऐसी वैचारिक नींव रखी जिसने आधुनिक पश्चिमी दर्शन और विज्ञान के लिए मार्ग प्रशस्त किया। रोमन विमर्श, दूसरी ओर, इन ग्र...