Q1. दार्शनिक प्रवृत्तियों का वर्णन कीजिए।
- दार्शनिक प्रवृत्तियाँ वास्तविकता, ज्ञान और मूल्यों को समझने के मौलिक दृष्टिकोण हैं।
- आदर्शवाद वास्तविकता को मन-निर्भर या आध्यात्मिक मानता है, चेतना को प्राथमिक बताता है।
- भौतिकवाद वास्तविकता को जड़ पदार्थ से बना मानता है, पदार्थ को परम तत्व मानता है।
- द्वैतवाद वास्तविकता में मन और जड़ पदार्थ को दो स्वतंत्र, भिन्न तत्वों के रूप में स्वीकार करता है।
Answer: दर्शनशास्त्र में दार्शनिक प्रवृत्तियाँ विभिन्न दृष्टिकोणों को संदर्भित करती हैं जिनके माध्यम से दार्शनिक वास्तविकता, ज्ञान, अस्तित्व और मूल्यों की प्रकृति को समझने का प्रयास करते हैं। ये प्रवृत्तियाँ किसी विशेष दार्शनिक प्रणाली की नींव बनाती हैं और उसके मूल सिद्धांतों को निर्धारित करती हैं। तत्व-मीमांसा के संदर्भ में, ये प्रवृत्तियाँ ब्रह्मांड और अस्तित्व की परम प्रकृति के बारे में मौलिक प्रश्नों का उत्तर देती हैं। **1. आदर्शवाद (Idealism):** आदर्शवाद एक प्रमुख दार्शनिक प्रवृत्ति है जो वास्तवि...