Q1. जर्मन सिनेमा का इतिहास और अभिव्यंजनावाद पर प्रकाश डालिए।
- जर्मन सिनेमा का इतिहास प्रथम विश्व युद्ध के बाद एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में उभरा।
- अभिव्यंजनावाद 20वीं सदी के शुरुआती जर्मनी का कला आंदोलन था, जिसने आंतरिक भावनाओं पर जोर दिया।
- अभिव्यंजनावादी सिनेमा में विकृत सेट, कोणीय डिज़ाइन और गहरी परछाइयों (चिअरोस्क्युरो) का उपयोग होता था।
- अतिरंजित अभिनय शैली और मनोवैज्ञानिक विषय-वस्तु जैसे पागलपन और डर इसकी मुख्य पहचान थी।
Answer: जर्मन सिनेमा का इतिहास 20वीं सदी की शुरुआत में अपनी जड़ें जमाता है, जिसने कला और तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रथम विश्व युद्ध के बाद के अशांत दौर में, जब जर्मनी राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल से जूझ रहा था, सिनेमा एक सशक्त माध्यम के रूप में उभरा। इस अवधि में कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिली, क्योंकि विदेशी फिल्मों के आयात पर प्रतिबंध था, जिससे स्थानीय फिल्म उद्योग को पनपने का अवसर मिला। इस शुरुआती दौर में, जर्मनी में फिल्म निर्माण तेजी से बढ़ा, और यह हॉलीवुड के बाद दूसरा सबस...