Q1. भाषा विज्ञान के उद्भव एवं विकास पर प्रकाश डालिये।
- भाषा विज्ञान का उद्भव प्राचीन चिंतन से हुआ, जिसमें पाणिनि का अष्टाध्यायी एक प्रमुख वैज्ञानिक कार्य है।
- 19वीं शताब्दी ऐतिहासिक-तुलनात्मक भाषा विज्ञान का स्वर्ण युग था, जिसमें ग्रिम के नियम महत्वपूर्ण रहे।
- फर्डिनेंड डी सॉस्यूर को आधुनिक भाषा विज्ञान का जनक माना जाता है, जिन्होंने संरचनावाद की नींव रखी।
- सॉस्यूर ने 'लांग' (भाषा व्यवस्था) और 'परोल' (वास्तविक उपयोग) तथा 'समकालिक' और 'कालक्रमिक' अध्ययन के भेद प्रस्तुत किए।
Answer: भाषा विज्ञान, भाषा का वैज्ञानिक और व्यवस्थित अध्ययन है, जिसका उद्भव मानव द्वारा भाषा पर चिंतन के साथ हुआ और यह सदियों के दार्शनिक विचारों, तुलनात्मक अध्ययनों तथा वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से विकसित हुआ है। इसका विकास प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक विभिन्न चरणों से गुजरा है, जिसमें हर चरण ने भाषा की समझ को गहरा किया है। भाषा विज्ञान का उद्भव प्राचीन सभ्यताओं में देखा जा सकता है, जहाँ भाषा के स्वरूप और कार्यप्रणाली पर प्रारंभिक चिंतन हुआ। भारत में, पाणिनि द्वारा लगभग 5वीं शताब्दी ई.पू. में...